राष्ट्रपति जी ये सरकार के खिलाफ सडयंत्र है।ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी। कानून की अनदेखी हो रही है। ये पुरस्कार लौटाना लोकतान्त्रिक प्रक्रिया का मजाक है। अनुपम खेर ने भी तो लोकतान्त्रिक विरोध किया था सेना के लोग भी ऐसा विरोध करने को तैयार बैठे है। ये पोसित सडयंत्र है। इसे तुरंत बंद करना होगा लोकतंत्र में बातचीत ही विकल्प है। कोई आपातकाल लागु नही देस मे ये तो राजनैतिक बैकडोर की परिभासा है। जो लोग मौजूदा व्यवस्था को पचा नही पा रहे। ६८ साल से कैसे जी रहे थे अपने आकाओं को कुर्सी से अलग देखना नही चाहते। अब तो मौजूदा व्यवस्था में जीन होगा अंतरास्ट्रीय ख्याति प्राप्त मिली है देस को। अपने नीड़ से एक एक करके टर टर कर रहे है पशू और जानवरो सी एकता मत दिखाओ मानव की मानवता दिखने में ही भलाई है। उस खिताब की तौहीन कानून इजाजत नही देता। देस मुस्किल से पटरी पे दौड़ने लगा है दौड़ने दो इसे ब्रेक मत लगाना आने वाली पीढ़ियां माफ़ नही करेंगी।
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